कोच्चि, 22 सितंबर।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद ने हिंदू समुदाय में सामाजिक बदलाव और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने से जुड़ी कई पहल शुरू करने का निर्णय लिया है। इनमें जाति और कुंडली की बाध्यता के बिना विवाह को प्रोत्साहित करना, मंदिरों में पुरुषों को शर्ट पहनकर प्रवेश की सुविधा देना और हर जिले में नि:शुल्क जिम खोलना शामिल है।
संगठनों की बैठक में कुंडली मिलान को विवाह के लिए अनिवार्य शर्त नहीं मानने पर जोर दिया गया। संगठनों के अनुसार, कुंडली से जुड़ी मान्यताओं के कारण कई विवाहों में देरी होती है या रिश्ते तय नहीं हो पाते।
बैठक में जातिगत सीमाओं से ऊपर उठकर विवाह को बढ़ावा देने की बात भी कही गई। इसे युवाओं से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने और उन्हें हिंदू समुदाय तथा धार्मिक गतिविधियों से अधिक सक्रिय रूप से जोड़ने वाले प्रस्तावित पुनरुत्थान कार्यक्रम का हिस्सा बताया गया।
मंदिरों में पुरुषों के प्रवेश को लेकर भी पहल की गई है। विश्व हिंदू परिषद के अनुसार, उसके प्रबंधन वाले 226 मंदिरों में पुरुषों को शर्ट पहनकर प्रवेश की अनुमति पहले ही दी जा चुकी है।
पवाकुलम महादेव मंदिर और तिरुनक्करा श्रीकृष्ण स्वामी मंदिर सहित कुछ मंदिरों में यह व्यवस्था प्रयोग के तौर पर लागू की गई है। अब अधिक मंदिरों में इसे लागू करने के लिए अखिल केरल तंत्री समाजम से संपर्क करने की योजना है।
संगठन के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य पुरुषों को ऊपरी वस्त्र उतारने की असुविधा से बचाना और उन युवाओं को मंदिरों से जोड़ना है, जो इस कारण मंदिर जाने से दूर रहते हैं। यह पहल करीब दो वर्ष पहले रखे गए एक प्रस्ताव के बाद शुरू हुई थी।
युवाओं को सामुदायिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए बजरंग दल के नेतृत्व में प्रत्येक जिले में ‘बालोपासना केंद्र’ के नाम से नि:शुल्क जिम खोलने की योजना भी है। संगठन के अनुसार, अटिंगल, पलक्कड़ और एर्नाकुलम में ऐसे केंद्र शुरू किए जा चुके हैं।
हिंदू ऐक्य वेदी की ओर से इन निर्णयों का स्वागत किया गया है। संगठन ने कहा कि विवाह, मंदिर प्रवेश और युवाओं की भागीदारी से जुड़ी ये पहल हिंदू समुदाय में सामाजिक बदलाव के लिए शुरू किए जा रहे पुनरुत्थान कार्यक्रम की शुरुआत हैं।
















