जोधपुर, 22 सितंबर।
भारत और जापान की वायु सेनाओं के बीच जोधपुर वायु सेना स्टेशन पर चल रहा 14 दिवसीय हवाई अभ्यास ‘वीर गार्जियन’ मंगलवार को संपन्न हो गया। अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच अंतर-संचालनीयता बढ़ाने और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना रहा। भारतीय वायु सेना ने सुखोई-30 एमकेआई, राफेल और स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस सहित विभिन्न विमानों के साथ हिस्सा लिया। जापान वायु आत्मरक्षा बल ने एफ-2ए युद्धक विमान के साथ अभ्यास में भाग लिया।
संयुक्त अभ्यास के दौरान दोनों देशों की वायु सेनाओं ने दृश्यता सीमा के भीतर युद्ध और समन्वित बहु-विमान अभियानों सहित उन्नत उड़ान गतिविधियों में हिस्सा लिया। 20 सितंबर को जापान वायु आत्मरक्षा बल के प्रमुख जनरल ताकेहिरो मोरिता और वायु सेना प्रमुख एपी सिंह जोधपुर वायु सेना स्टेशन पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने स्वदेशी तेजस युद्धक विमान में उड़ान भी भरी। दोनों वायु सेना प्रमुखों की संयुक्त उड़ान ने भारत-जापान के बीच वायु शक्ति और रणनीतिक साझेदारी को प्रदर्शित किया।
अभ्यास के दौरान दोनों देशों के कर्मियों के बीच जमीनी स्तर पर कई गतिविधियां हुईं। इनमें विषय विशेषज्ञों का एक-दूसरे के यहां जाना, परिचालन संबंधी चर्चाएं, अभियान योजना सम्मेलन, इंजीनियरिंग संबंधी बातचीत, विमान और उपकरणों के रखरखाव का अभ्यास तथा एयरोस्पेस सुरक्षा से जुड़ी जानकारी साझा करना शामिल रहा।
इन गतिविधियों के माध्यम से दोनों देशों की टुकड़ियों को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली और क्षमताओं को समझने तथा सर्वोत्तम प्रक्रियाओं से सीखने का अवसर मिला। अभ्यास ने दोनों वायु सेनाओं के बीच पेशेवर सहयोग और आपसी समझ को भी मजबूत किया।
‘वीर गार्जियन’ भारत और जापान के बीच रक्षा साझेदारी तथा रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने वाले अभ्यास के रूप में आयोजित किया गया। जापानी वायु सेना के लड़ाकू विमानों के साथ यह भारत का दूसरा हवाई अभ्यास रहा। इससे पहले 2023 में भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने पहली बार जापान का दौरा किया था। उस समय भारतीय दल ने चार सुखोई-30 एमकेआई विमानों के साथ अभ्यास में भाग लिया था। पहले संस्करण के दौरान दोनों देशों की वायु सेनाओं ने 16 दिनों तक चले अभ्यास में एक-दूसरे की क्षमताओं और कार्यप्रणालियों को समझा था।
















