भोपाल, 22 सितंबर।
गुजरात के गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय मध्य प्रदेश में पुलिस मुख्यालय और जेल मुख्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण देगा। इसके लिए मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय और मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रोजमर्रा के जीवन में डिजिटल प्रणालियों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और इसके साथ चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। डिजिटल और साइबर क्षेत्र में समाजहित और जनकल्याण सुनिश्चित करने के लिए सतर्कता जरूरी है। साइबर और फोरेंसिक क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों के विस्तार से इस दिशा में क्षमता बढ़ाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर की स्थापना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राज्य शासन और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के बीच हुआ समझौता तथा राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय और राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के बीच हुआ संबंध समझौता साइबर क्षेत्र में सतर्कता और डिजिटल फोरेंसिक में दक्षता बढ़ाने में सहायक होगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द शुरू किए जाएंगे। बताया गया कि समझौता प्रदेश के जेल मुख्यालय और पुलिस मुख्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों के प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए किया गया है। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर और राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल के बीच भोपाल परिसर के संचालन और समन्वय के लिए संबंध समझौता भी किया गया।
कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा आयुक्त अवधेश शर्मा, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय भोपाल के निदेशक राकेश कुनवर और आरजीपीवी के कुलपति आलोक शर्मा मौजूद रहे।
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय की स्थापना भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने 28 सितंबर 2020 को की थी। इसका उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान, विस्तार और सेवाएं उपलब्ध कराना है। देश के सात राज्यों में इसके क्षेत्रीय परिसर स्थापित किए जा चुके हैं और अब तक करीब 40 हजार कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है।
मध्य प्रदेश में विश्वविद्यालय का परिसर भोपाल में स्थापित करने का निर्णय एक जुलाई 2025 की मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया था। स्थायी परिसर राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की उपलब्ध भूमि में से 10 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। फिलहाल आरजीपीवी ने अस्थायी भवन उपलब्ध कराया है। यह परिसर 22 सितंबर 2025 को एक स्नातक और एक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के साथ शुरू हुआ था। वर्तमान में यहां 84 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। परिसर में साइबर सुरक्षा में बीटेक और डिजिटल फोरेंसिक साइबर सुरक्षा में एमएससी पाठ्यक्रम संचालित हैं।
















