श्रीनगर, 22 सितंबर।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा सत्र के दौरान मंगलवार को दक्षिण कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करने वाले आम नागरिकों को पेश आ रही दिक्कतों का मुद्दा गरमाया रहा। नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक अब्दुल मजीद लार्मी ने सदन के भीतर इस बात पर गहरी चिंता जताई कि मार्ग पर जगह-जगह लगने वाले लंबे जाम और बार-बार रोके जाने के कारण विद्यार्थियों, बीमार मरीजों तथा अन्य मुसाफिरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यह पूरी बहस तब शुरू हुई जब सदन में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के विधायक वहीद उर रहमान पारा ने हाईवे पर यात्रियों की दुर्दशा का जिक्र करते हुए अपनी बात रखी थी। उनके संबोधन का जवाब देते हुए लार्मी ने कहा कि वहीद पारा ने राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी इस गंभीर समस्या पर खुलकर अपनी बात नहीं रखी, लेकिन वे सदन के सामने पूरी स्पष्टता के साथ इस सच्चाई को रखेंगे कि इससे आम जनजीवन किस तरह प्रभावित हो रहा है।
लार्मी ने आगे अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया कि काजीगुंड से श्रीनगर की तरफ आने-जाने वाले लोगों को रोजाना घंटों की देरी का शिकार होना पड़ता है। इस वजह से न सिर्फ उनकी दिनचर्या का शेड्यूल बिगड़ जाता है, बल्कि कई बार लोग अपने बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण कार्यक्रमों तथा समारोहों में भी समय पर नहीं पहुंच पाते हैं।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हाईवे पर यातायात रोके जाने के कारण कई बार छात्र अपने तय समय पर परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुंच पाते और उनकी परीक्षाएं छूट जाती हैं। इसके अलावा समय पर एयरपोर्ट न पहुंच पाने के कारण कई मुसाफिरों की उड़ानें (फ्लाइट्स) भी मिस हो जाती हैं।
इससे पहले चर्चा में हिस्सा लेते हुए पीडीपी विधायक वहीद पारा ने कहा था कि दक्षिण कश्मीर के इस नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले आम लोगों के भीतर लगातार भेदभाव का भाव घर करता जा रहा है। उन्होंने सरकार से पुरजोर आग्रह किया था कि इस संवेदनशील मामले को तुरंत एकीकृत मुख्यालय के समक्ष उठाया जाना चाहिए।
पारा ने सदन में यह भी बताया कि रोजाना आम लोगों को दस से पंद्रह मिनट तक बेवजह रोका जाता है, जिससे उनके मन में हीन भावना पैदा होती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कोई भी एक घटना कश्मीर के सामान्य नागरिकों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने और उन्हें अपमानित करने की वजह नहीं बननी चाहिए।















