नई दिल्ली, 22 सितंबर।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार सुबह सोशल मीडिया मंच एक्स पर नियमित रूप से साझा किए जाने वाले सुभाषितम् के तहत एक श्लोक पोस्ट किया। इस श्लोक के जरिए उन्होंने मनुष्य के सुख और कल्याण की कामना व्यक्त की।
प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया श्लोक अथर्ववेद के काण्ड 7, सूक्त 6, मन्त्र 3 से लिया गया है। श्लोक में पृथ्वी और आकाश के साथ कल्याणकारी साधनों का उल्लेख करते हुए शुभ जीवन की कामना की गई है।
श्लोक का भावार्थ है कि मनुष्य स्थिर और उत्तम संरक्षण प्रदान करने वाली पृथ्वी तथा कल्याणकारी और निर्बाध आकाशरूपी आधार का सहारा लें। साथ ही पापरहित होकर ऐसे शुभ साधनों का आश्रय लें, जो उन्हें सही मार्ग पर आगे ले जाएं।
इसमें कल्याणकारी साधनों की तुलना उत्तम चप्पुओं से युक्त दिव्य नौका से की गई है। इसके माध्यम से सुख और मंगल की प्राप्ति की कामना की गई है।
















