वाराणसी, 22 सितंबर।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की छवि को धूमिल करने वाला एक विवादित मामला सामने आया है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में सपा प्रमुख का नाम माफियाओं—अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी और मुन्ना बजरंगी जैसे कुख्यात चेहरों के साथ जोड़ते हुए कुछ पोस्टर चस्पा किए गए। इस आपत्तिजनक हरकत के सामने आने के बाद मंगलवार को स्थानीय समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला।
इस घटना के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए सपा के प्रदेश सचिव राजू यादव तुरंत पुलिस कमिश्नर के कार्यालय पहुंचे और एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस घृणित दुष्प्रचार के पीछे शामिल असामाजिक तत्वों की तत्काल पहचान की जाए और उनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाए।
सपा नेता राजू यादव ने मीडिया और प्रशासन के सामने अपनी बात रखते हुए कहा कि कैंटोनमेंट, पांडेयपुर और सिगरा जैसे प्रमुख इलाकों में सोची-समझी साजिश के तहत अखिलेश यादव के पोस्टर लगाकर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इन पोस्टरों में समाजवादी पार्टी के पूर्व कार्यकाल को लेकर भी अपमानजनक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है, जो पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
उन्होंने आगे कहा कि वाराणसी शहर के लगभग सभी चौराहों और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा की दृष्टि से हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी मदद से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाती है। पुलिस प्रशासन चाहे तो इन सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आसानी से उन उपद्रवियों की पहचान कर सकता है जिन्होंने इस नापाक हरकत को अंजाम दिया है।
सपा नेता ने पुलिस कमिश्नर को चेतावनी भरे लहजे में यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि जल्द से जल्द इन पोस्टरों को लगवाने वालों की शिनाख्त कर उनकी गिरफ्तारी नहीं की जाती है, तो मजबूरन पार्टी कार्यकर्ताओं को सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा।
















