हैदराबाद, 23 सितंबर।
किसानों के प्रदर्शन और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही बारिश के बीच प्रियदर्शिनी जुराला परियोजना के अधिकारियों ने बुधवार को बड़ा कदम उठाते हुए दाईं नहर में सिंचाई के लिए पानी छोड़ दिया है। परियोजना में पानी की आवक बढ़कर 2,687 क्यूसेक दर्ज होने के बाद लिए गए इस फैसले से जुराला कमांड एरिया के किसानों ने चैन की सांस ली है।
इससे पहले, किसानों की जल समस्याओं के समाधान के लिए तेलंगाना के पर्यटन मंत्री जुपाल्ली कृष्णा राव के नेतृत्व में सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार शाम बेंगलुरु में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात की थी। इस दौरान अवगत कराया गया कि जुराला, नेट्टमपाडु, भीमा और कोइलसागर परियोजनाओं के कमांड क्षेत्रों में फसलें इस समय बेहद महत्वपूर्ण चरण में हैं, जिन्हें बचाने के लिए पानी की सख्त जरूरत है। प्रतिनिधिमंडल के अनुरोध पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने 30 दिनों तक प्रतिदिन 5,000 क्यूसेक की दर से जुराला परियोजना के लिए कुल 7 टीएमसी पानी छोड़ने का सकारात्मक आश्वासन दिया है।
गौरतलब है कि यह राजनीतिक और प्रशासनिक पहल किसानों के लगातार चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच सामने आई है। इस मुद्दे को लेकर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने 21 सितंबर को जोरदार प्रदर्शन किया था, जबकि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव को भी 22 सितंबर को जोगुलाम्बा गडवाल जिले में किसानों से मिलने जाने के दौरान रास्ते में रोक दिया गया था।
















