हैदराबाद, 23 सितंबर।
तेलंगाना के आदिलाबाद स्थित राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में हुए एसी विस्फोट और जहरीले धुएं के फैलने की दुर्घटना में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। बुधवार को इलाज के दौरान दो और नवजात शिशुओं की मौत हो जाने के बाद इस दर्दनाक हादसे में मरने वाले बच्चों की कुल संख्या बढ़कर पांच हो गई है।
अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इंदरवेली मंडल के डुब्बागुड़ा की रहने वाली नागुबाई के नवजात बच्चे ने निर्मल के एक अन्य अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया, जबकि लिंगापुर मंडल की निवासी दुर्गाबाई के बच्चे ने रिम्स में ही उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। गौरतलब है कि इससे पहले एयर कंडीशनर में हुए विस्फोट के बाद वॉर्ड में भारी मात्रा में जहरीला धुआं और गैस फैल गई थी, जिसकी चपेट में आने से तीन अन्य प्री-टर्म नवजातों की दम घुटने से मौत हो गई थी। हालांकि, संकट की उस घड़ी में अस्पताल के कर्मचारियों, सुरक्षा गार्डों और एंबुलेंस चालकों की सतर्कता से 20 अन्य नवजात शिशुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।
इस मर्मान्तिक घटना के बाद से पीड़ित परिजनों में गहरा रोष और मातम पसरा हुआ है। शोक में डूबे परिजनों ने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बुनियादी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्था में तत्काल सुधार की कड़ी मांग की है। शुरुआती जांच में इस दुर्घटना के पीछे एसी के रखरखाव में लापरवाही और अस्पताल की व्यवस्थागत कमियों को मुख्य कारण माना जा रहा है। हालांकि, वास्तविक कारणों का सही पता लगाने के लिए एक पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया गया है, जो एसएनसीयू की सुरक्षा, एसी के रख-रखाव और अन्य सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है।
















