हैदराबाद, 23 सितंबर।
तेलंगाना मानवाधिकार आयोग ने आदिलाबाद स्थित राजीव गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के विशेष नवजात देखभाल इकाई में आग लगने से पांच नवजातों की मौत की घटना पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. न्यायमूर्ति शमीम अख्तर ने घटना पर दुख जताते हुए संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
आयोग ने हादसे के कारणों के साथ अस्पताल में मौजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जांच के निर्देश दिए हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव से एसएनसीयू में बिजली के तारों के रखरखाव, फायर अलार्म की स्थिति, अग्निशामक यंत्रों की उपलब्धता और सुरक्षा मानकों के पालन की जानकारी मांगी गई है।
मानवाधिकार आयोग ने यह भी पूछा है कि अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी थी या नहीं और इसके लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार है। किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसकी जानकारी भी रिपोर्ट में देने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी।
राज्य सरकार ने भी घटना पर दुख जताया है। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और सरकारी सहायता का भरोसा दिया। अधिकारियों को राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में बिजली, आग और नागरिक संरचना से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था का ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
हादसा 21 सितंबर की मध्यरात्रि एसएनसीयू में हुआ था। शुरुआती जानकारी के अनुसार वातानुकूलन यंत्र में तकनीकी खराबी के कारण शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई है। आग फैलने के बाद वार्ड में धुआं भर गया, जिससे वहां उपचाररत पांच नवजातों की मौत हो गई।
घटना के दौरान एसएनसीयू में मौजूद अन्य नवजातों को अस्पताल के कर्मचारियों और उनके अभिभावकों ने खिड़कियां तोड़कर बाहर निकाला। इसके बाद सभी को इलाज के लिए निजी अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया।
















