नई दिल्ली, 23 सितंबर।
प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 54 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का 37.064 किलोग्राम सोना अस्थायी रूप से जब्त किया है। गुवाहाटी क्षेत्रीय कार्यालय-1 की इस कार्रवाई में 29 बड़ी सोने की छड़ें और 50 छोटे सोने के टुकड़े मिले हैं। इसके अलावा करीब 13 ग्राम वजन के चांदी जैसे रंग वाले धातु के टुकड़े भी जब्त किए गए।
ईडी के मुताबिक कार्रवाई अक्षय परशुराम बानसोडे और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज मामले में की गई है। असम पुलिस ने 30 जून को गुवाहाटी के खारघुली हातिसिल क्षेत्र में बानसोडे के कब्जे से सोना बरामद किया था। फिलहाल जब्त सोना गुवाहाटी स्थित कामरूप मेट्रो कोषागार की सुरक्षित निगरानी में रखा गया है।
असम के कामरूप मेट्रो जिले के लतासिल थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने पीएमएलए के तहत जांच शुरू की थी। मामला तस्करी के सोने को संगठित तरीके से अवैध रूप से देश में लाने, उसके परिवहन, छिपाने और आपराधिक साजिश से जुड़ा है।
जांच एजेंसी के अनुसार बानसोडे कथित तौर पर कई वर्षों से एक अज्ञात व्यक्ति के निर्देश पर देश के अलग-अलग हिस्सों में सोना पहुंचाता था। ईडी का कहना है कि यह व्यक्ति कूरियरों के एक संगठित नेटवर्क को नियंत्रित करता था और सोने की आवाजाही के लिए कूट पहचान प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता था। इसके बदले बानसोडे को हर महीने तय रकम दी जाती थी।
ईडी के अनुसार बरामद सोना म्यांमार और संयुक्त अरब अमीरात के रास्ते भारत में तस्करी कर लाए जाने का आरोप है। इसके बाद इसके भुगतान के लिए हवाला माध्यम का इस्तेमाल किए जाने की बात जांच में सामने आई। एजेंसी ने बताया कि कुछ व्यापारियों से जुड़ी एक बुलियन रिफाइनिंग कंपनी के बनाए चालानों के जरिए इस सोने को वैध सर्राफा कारोबार का हिस्सा दिखाने का प्रयास किया गया।
जांच के दौरान बरामद सोने पर स्वामित्व का दावा भी किया गया। दावे को सही साबित करने के लिए बिक्री दस्तावेज के तौर पर कुछ चालान पेश किए गए। ईडी के अनुसार संबंधित न्यायालय ने इन दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें प्रथम दृष्टया फर्जी पाया। इसके बाद सोना वापस लेने के लिए दायर आवेदन को खारिज कर दिया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि सोना जिस व्यक्ति के कब्जे से बरामद हुआ और जिस व्यक्ति ने उस पर मालिकाना हक जताया, दोनों ही वैध खरीद या आयात से जुड़े सीमा शुल्क निकासी प्रमाणपत्र, आयात दस्तावेज या अन्य वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके।
ईडी ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और सोने की तस्करी तथा उससे जुड़े लेनदेन के संबंध में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
















