नई दिल्ली, 23 सितंबर।
दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरदराज इलाकों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में रेलवे ने दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना के अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट खंड का निर्माण पूरा कर लिया है। अब इस हिस्से पर रेल परिचालन शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले इस एकल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉडगेज खंड का रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने मंगलवार को निरीक्षण किया। इस दौरान ट्रैक, पुल-पुलियों, विद्युतीकरण, सिग्नलिंग और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं की जांच की गई। इसके साथ ही रेलखंड पर गति परीक्षण भी किया गया।
ताड़ोकी-रावघाट हिस्सा 95 किलोमीटर लंबी दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना का हिस्सा है। वर्तमान में दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक यात्री रेल सेवा संचालित हो रही है। अंतिम खंड में परिचालन शुरू होने के बाद दक्षिण छत्तीसगढ़ के लोगों को रेल यात्रा के लिए बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
रेलवे के अनुसार इस नई रेल लाइन से भिलाई इस्पात संयंत्र तक लौह अयस्क पहुंचाने में सुविधा होगी। इससे इस्पात उद्योग के लिए परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी। इसके साथ ही क्षेत्र से कृषि उपज और स्थानीय स्तर पर कारोबार में इस्तेमाल होने वाले सामान की आवाजाही भी आसान हो सकेगी।
रेल संपर्क बढ़ने से दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाकों की रायपुर और भिलाई से कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। इससे लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। रोजगार तथा व्यापार से जुड़े अवसरों तक पहुंच भी बेहतर हो सकती है।
रेलवे के अनुसार इस परियोजना का असर क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। बेहतर संपर्क से पर्यटन, निवेश और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलने की संभावना है। ताड़ोकी-रावघाट खंड का सीआरएस निरीक्षण पूरा होने के बाद अब परिचालन शुरू करने की दिशा में आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
















