चेन्नई, 29 सितंबर।
तमिलनाडु निजी बस मालिकों के महासंघ ने महिलाओं के लिए निजी बसों में भी मुफ्त यात्रा की सुविधा लागू करने की मांग को लेकर 30 सितंबर को 24 घंटे की सांकेतिक हड़ताल का ऐलान किया है। महासंघ के अनुसार, राज्य में निजी बसों का संचालन रात 12:01 बजे से रात 11:59 बजे तक बंद रहेगा।
निजी बस संचालकों की मांग है कि सरकारी बसों की तरह निजी बसों में भी महिलाओं, ट्रांसजेंडरों और दिव्यांगों को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाए। इसके साथ ही मुफ्त यात्रा के कारण होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए सरकार से सब्सिडी देने की मांग की गई है।
महासंघ के मुताबिक, निजी बस क्षेत्र से करीब तीन लाख परिवार जुड़े हैं। संगठन का कहना है कि जिलों के बीच चलने वाली सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा योजना लागू होने से निजी बस सेवाओं पर आर्थिक असर पड़ सकता है।
निजी बस मालिकों का कहना है कि यदि मुफ्त यात्रा योजना को निजी बसों तक भी बढ़ाया जाता है तो सरकार को होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करानी होगी।
तमिलनाडु के महानगरों में साधारण सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा योजना पहले से लागू है। टीवीके के चुनावी वादे के तहत जिलों के बीच संचालित बसों में भी महिलाओं को मुफ्त यात्रा देने की घोषणा की गई थी।
इसके बाद मुख्यमंत्री विजय ने सत्ता में आने के बाद विधानसभा के पहले सत्र में नियम संख्या 110 के तहत ‘वेत्री पयनम’ यानी ‘सफल यात्रा’ योजना की घोषणा की। इसके तहत 2 अक्टूबर से एक्सप्रेस, डीलक्स और उपनगरीय बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की बात कही गई है।
निजी बस मालिकों के अनुसार, चेन्नई को छोड़कर तमिलनाडु के अधिकांश जिलों में बड़ी संख्या में निजी बसें चलती हैं। ऐसे में नई योजना का इन बस सेवाओं पर आर्थिक असर पड़ सकता है।
महासंघ ने कहा है कि वह महिलाओं को मुफ्त यात्रा सुविधा देने के लिए तैयार है, लेकिन निजी बसों को योजना में शामिल करने के साथ सरकार को सब्सिडी भी देनी होगी। इसी मांग को लेकर 30 सितंबर को पूरे राज्य में 24 घंटे निजी बसों का संचालन बंद रखने का फैसला किया गया है।














