कोलकाता, 07 अक्टूबर।
पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में आयुष्मान भारत योजना के तहत पहली बार जटिल न्यूरो सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। पांडापाड़ा निवासी 60 वर्षीय मुन्नी रॉय करीब तीन साल पहले गिरने के बाद कमर की गंभीर चोट से जूझ रही थीं। लगातार दर्द के कारण उनकी स्थिति बिगड़ती गई। उनके बेटे संजीत रॉय टोटो चलाकर परिवार का खर्च उठाते हैं। स्थानीय चिकित्सकों ने बेहतर उपचार के लिए दूसरे राज्य जाने की सलाह दी थी, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण परिवार ऐसा नहीं कर सका। आयुष्मान कार्ड मिलने के बाद परिजनों ने स्थानीय नर्सिंग होम से संपर्क किया। मरीज की स्थिति और परिवार की आर्थिक परेशानी को देखते हुए ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. कमलेश विश्वास ने ऑपरेशन की जिम्मेदारी ली और न्यूरो सर्जन डॉ. बिगन कामदार भी टीम में शामिल हुए। करीब ढाई घंटे चली सर्जरी को जलपाईगुड़ी जिले में आयुष्मान कार्ड के तहत इस तरह की पहली सर्जरी बताया गया है।
चिकित्सकों के अनुसार, चोट के कारण मरीज की एक हड्डी दूसरी हड्डी के ऊपर चढ़ गई थी, जिससे नसों पर दबाव बन रहा था और मामूली हलचल पर भी तेज दर्द होता था। सर्जरी के दौरान नसों पर पड़ रहे दबाव को दूर किया गया। ऑपरेशन के बाद मुन्नी रॉय की हालत में सुधार बताया जा रहा है और चिकित्सकों के अनुसार कुछ ही दिनों में वह सामान्य रूप से चलने-फिरने में सक्षम हो सकती हैं। परिवार ने बताया कि इलाज का खर्च उठाने के लिए उन्हें घर बेचने तक की नौबत आ गई थी। ऐसे में आयुष्मान कार्ड के जरिए बिना खर्च के सफल उपचार होने से परिवार को बड़ी राहत मिली है। करीब तीन साल से दर्द और आर्थिक परेशानी से जूझ रहे संजीत रॉय और उनके परिवार के लिए यह इलाज नई उम्मीद लेकर आया है।














