कोरबा, 07 अक्टूबर।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एसईसीएल दीपका कोयला खदान के भीतर बुधवार को कलिंगा कंपनी के डंपर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया और करीब दो करोड़ रुपये कीमत का डंपर जलकर पूरी तरह खाक हो गया।
हादसे के दौरान चालक ने समय रहते डंपर से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
बताया गया कि डंपर खदान के भीतर काम कर रहा था। इसी दौरान इंजन के पास अचानक चिंगारी उठी और आग भड़क गई। कुछ ही देर में आग डंपर के केबिन तक फैल गई। स्थिति को भांपकर चालक तुरंत वाहन से बाहर निकल गया।
आग की जानकारी मिलते ही खदान में मौजूद कर्मचारियों ने उसे बुझाने का प्रयास किया। आग की लपटें तेज होने के कारण उनका प्रयास सफल नहीं हुआ और कुछ ही मिनटों में पूरा डंपर जल गया। घटना के बाद खदान क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था तथा वाहनों के रखरखाव पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कलिंगा कंपनी के वाहनों से पहले भी हादसों की घटनाएं सामने आती रही हैं।
कर्मचारियों ने कहा कि खदान में भारी मशीनरी और डंपरों का संचालन होता है, इसलिए वाहनों की नियमित जांच और बेहतर रखरखाव जरूरी है। स्थानीय लोगों ने भी पहले वाहनों में आग लगने और दुर्घटनाओं की घटनाएं होने की बात कही है।
आरोप लगाया गया है कि कई मामलों में शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी को कारण बताकर मामला समाप्त कर दिया जाता है। कर्मचारियों ने वाहनों की तकनीकी जांच, नियमित रखरखाव और सुरक्षा मानकों के पालन की मांग की है।
घटना की जानकारी एसईसीएल और कलिंगा कंपनी के अधिकारियों को दे दी गई है। डंपर में आग लगने के वास्तविक कारण की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में इंजन के पास चिंगारी उठने की बात सामने आई है, हालांकि आग की सही वजह जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।














