श्रीनगर, 29 सितंबर।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से चल रहे स्टोन क्रशरों के खिलाफ शिकंजा कसते हुए बड़ी कार्रवाई की है। विधानसभा में एक लिखित जवाब के दौरान वन पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण मंत्री जावेद अहमद राणा ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि जनवरी 2025 से लेकर अब तक प्रदेश भर में कुल 517 स्टोन क्रशर इकाइयों का औचक निरीक्षण किया गया है। पर्यावरणीय मानकों का भारी उल्लंघन पाए जाने के बाद प्रशासन ने कुल 229 कानूनी नोटिस जारी किए हैं, जबकि नियमों की अनदेखी करने वाली 146 इकाइयों को तुरंत प्रभाव से बंद करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
क्षेत्रवार ब्योरा देते हुए मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि कश्मीर संभाग में 318 क्रशर यूनिटों की जांच के दौरान 179 मामलों में गंभीर खामियां पकड़ में आईं, जिन पर कार्रवाई करते हुए 154 नोटिस थमाए गए और 112 इकाइयों पर बंदी का चाबुक चलाया गया; वहीं जम्मू संभाग में 199 निरीक्षणों के तहत 75 नोटिस और 34 शटडाउन आदेश पारित किए गए। सरकार ने स्पष्ट किया कि बिना वैध अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी), प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों और आवश्यक सहमति के संचालित हो रहे संयंत्रों के विरुद्ध वायु एवं जल प्रदूषण निवारण कानूनों के तहत यह सख्त कदम उठाए गए हैं, जबकि इसी अवधि में प्राप्त 58 नए आवेदनों में से 27 को मंजूरी दी गई तथा 28 को खारिज कर दिया गया है।














