हिसार, 30 सितंबर।
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और इंडियन प्रिंटिंग पैकेजिंग एंड एलाइड मशीन मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के बीच प्रिंटिंग, पैकेजिंग और संबंधित मशीन निर्माण के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विजय कुमार और आईपीएएमए के अध्यक्ष कुलजीत सिंह मान ने बुधवार को समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण, शोध, कौशल विकास और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
कुलपति प्रो. विजय कुमार ने कहा कि उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच लगातार संवाद और सहयोग समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से विद्यार्थियों को उद्योग की वास्तविक जरूरतों को समझने और आधुनिक तकनीकों के अनुसार अपने कौशल को विकसित करने का अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय उद्योग की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने बताया कि समझौते से प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी विभाग के लिए नए अवसर खुलेंगे। विद्यार्थियों को औद्योगिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, तकनीकी कार्यशालाओं और व्यावहारिक अनुभव के अवसर मिलेंगे। साथ ही उद्योग विशेषज्ञों, मशीन निर्माताओं और तकनीकी संस्थानों के साथ समन्वय मजबूत होगा। डीन इंटरनेशनल अफेयर्स प्रो. ओम प्रकाश सांगवान ने कहा कि इससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को नवीनतम तकनीक, उद्योग विशेषज्ञता और व्यावहारिक ज्ञान से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी विभाग की चेयरपर्सन डॉ. वंदना ने कहा कि प्रिंटिंग और पैकेजिंग क्षेत्र में तकनीकी बदलाव तेजी से हो रहे हैं। ऐसे में आधुनिक मशीनरी, स्वचालन, डिजिटल प्रिंटिंग और उत्पादन प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी विद्यार्थियों के लिए जरूरी है। आईपीएएमए अध्यक्ष कुलजीत सिंह मान और सचिव प्रशांत वत्स ने भी उद्योग तथा शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को जरूरी बताया।
समझौते के तहत विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, तकनीकी कार्यशालाएं, विशेषज्ञ व्याख्यान, औद्योगिक भ्रमण, संयुक्त शोध परियोजनाएं और ज्ञान-विनिमय कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। इसके अलावा उद्योग की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण गतिविधियों को प्रभावी बनाने में भी सहयोग किया जाएगा।














