रामगढ़, 30 सितंबर।
केंद्र सरकार ने खान एवं खनिज के मूल्य को पूरे देश में समान करने के उद्देश्य से माइंस एंड मिनरल्स विकास और विनियमन कानून लागू करने का निर्णय लिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. आदित्य प्रसाद साहू ने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार स्थानीय कोयला तस्करी को बढ़ावा देने के लिए इस कानून का विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि इसका असर राज्य के सरकारी खजाने पर भी पड़ रहा है।
रामगढ़ में बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में साहू ने कहा कि खान एवं खनिज विकास और विनियमन कानून से केंद्र और राज्य दोनों सरकारों को लाभ होगा। सरकारी कोष में राशि आने से आम लोगों के लिए विकास कार्यों में तेजी आएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो और कांग्रेस से जुड़े नेता कोयला तथा खनिज तस्करों के हित में कानून का विरोध कर रहे हैं और जनता को भ्रमित कर राज्य की खनिज संपदा बेची जा रही है।
साहू ने राज्य सरकार द्वारा कोयले पर 450 रुपये प्रति टन और आयरन ओर पर 600 रुपये प्रति टन शेष कर लगाए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने इसे कानूनी रूप से उचित नहीं बताते हुए सरकार पर वसूली का आरोप लगाया। उनके अनुसार छत्तीसगढ़ में इसी नाम पर 22 रुपये 50 पैसे प्रति टन लिया जाता है और ओडिशा में दर इससे भी कम है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में इस मद में हर महीने करोड़ों रुपये की वसूली हो रही है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कानून लागू होने से खनिज और खान से संबंधित वस्तुओं के मूल्य पूरे देश में समान होंगे और सभी राज्यों के विकास को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि झारखंड के उद्योगपति भी ओडिशा और छत्तीसगढ़ से कोयला मंगाने को मजबूर हैं। उनका आरोप है कि राज्य के औद्योगिक प्रतिष्ठानों को भी शेष कर के नाम पर बड़ी राशि सरकार को देनी पड़ रही है और दूसरी ओर कोयला, आयरन ओर तथा बॉक्साइट की चोरी करने वालों को फायदा हो रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार खनिज संपदा की अवैध बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। धनबाद और चतरा में सीआईएसएफ की छापेमारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने रामगढ़, हजारीबाग, लातेहार और दुमका में भी सीआईएसएफ की तैनाती की मांग की। उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ को कोयला और आयरन ओर चोरी करने वालों के खिलाफ सीधे कार्रवाई तथा प्राथमिकी दर्ज करने का अधिकार दिया जाना चाहिए।
नए खदानों को शुरू करने के मुद्दे पर साहू ने कहा कि पिछले चार वर्षों में झारखंड में केवल छह खदानों की नीलामी हुई है, लेकिन इनमें से एक भी अब तक शुरू नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि ओडिशा ने खदानों की नीलामी कर अब तक 87 हजार करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। साहू ने आरोप लगाया कि झारखंड में डीएमएफटी की राशि से अधिकारियों के आवास सजाए जा रहे हैं और आम जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि भाजपा इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच पहुंच चुकी है और सरकार की गलत मंशा को पूरा नहीं होने देगी।














