जयपुर, 30 सितंबर।
राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग का कार्यकाल 31 मार्च 2027 तक बढ़ा दिया है। आयोग का गठन विख्यात विधिवेत्ता एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश मदनलाल भाटी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय रूप में किया गया था। कार्यकाल विस्तार के संबंध में निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव ललित कुमार ने आदेश जारी किए हैं।
आयोग के अध्यक्ष मदनलाल भाटी के साथ सदस्य मोहन मोरवाल, प्रो. राजीव सक्सैना, अधिवक्ता गोपाल कृष्ण और पवन मंडाविया का कार्यकाल भी इसी अवधि तक बढ़ाया गया है। आयोग के कामकाज से जुड़े कार्यादेश अलग से जारी किए जाएंगे।
राज्य में स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व तथा आरक्षण से जुड़े विषयों के अध्ययन के लिए आयोग का गठन 9 मई 2025 को किया गया था। आयोग ने 5 अगस्त को निकाय चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से संबंधित अपनी अनुशंसाएं राज्य सरकार को सौंपी थीं।
कार्यकाल विस्तार के बाद आयोग को स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में ओबीसी आरक्षण तथा राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े निर्धारित कार्यों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। इससे संबंधित विषयों के अध्ययन और परीक्षण के लिए आयोग के पास अतिरिक्त समय रहेगा।
आयोग के अध्यक्ष मदनलाल भाटी ने कार्यकाल बढ़ाने के लिए राज्य सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इससे ओबीसी के राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े विषयों का गंभीरता और व्यापकता से अध्ययन करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने आयोग के दायित्वों को निष्पक्षता, पारदर्शिता और संवैधानिक भावना के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूरा करने की बात कही।














