पश्चिम मेदिनीपुर, 30 सितंबर।
पश्चिम मेदिनीपुर जिले के घाटाल स्थित विद्यासागर की जन्मभूमि वीरसिंह गांव में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पहुंचे। उन्होंने पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर के पिता ठाकुरदास बनर्जी और माता भगवती देवी की प्रतिमाओं का अनावरण किया। इसके बाद विद्यासागर की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और भगवती देवी विद्यालय के मैदान में आयोजित सभा में शामिल हुए।
वीरसिंह पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री ने हेलीकॉप्टर से घाटाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। सभा में उन्होंने घाटाल की सड़कों, पथ प्रकाश, रेल संपर्क, पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए राशि आवंटित करने की घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने घाटाल में कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों को एकमुश्त आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि घाटाल मास्टर प्लान का काम केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करेंगी और दोनों की इसमें भागीदारी होगी।
वीरसिंह की सभा में उन्होंने घाटाल मास्टर प्लान के लिए इस वर्ष 1,200 करोड़ रुपये मंजूर करने की घोषणा की। इसके तहत 50 प्रतिशत राशि केंद्र और 50 प्रतिशत राज्य सरकार देगी। उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण का काम जारी है और जल्द ही योजना पर काम शुरू किया जाएगा।
सभा के दौरान बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाने और लोगों को जागरूक करने वाली तीन स्कूली छात्राओं को सम्मानित किया गया। क्षय रोग मुक्त अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं को भी कार्यक्रम में सम्मान मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यासागर की जन्मभूमि वीरसिंह को देश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल करने के लिए काम किया जाएगा। उन्होंने स्कूलों और पुस्तकालयों में विद्यासागर की पुस्तकों को उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।














