मुंबई, 1 अक्टूबर।
दुनिया में कच्चे तेल की कीमतें तेज होने और महंगाई बढ़ने की आशंका ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए फिलहाल अच्छे संकेत नहीं दिए हैं। पश्चिम एशिया संकट से राहत नहीं मिलने, तेल की कीमतें बढ़ने और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जैसे तीन बड़े कारणों से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई है। सोमवार को सेंसेक्स 1,124 अंक गिरकर 72,771 अंक पर बंद हुआ, जो पिछले छह माह का सबसे निचला स्तर है। वैश्विक बाजार में तेल के दाम 109 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं और गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
पिछले एक माह में भारतीय बाजार करीब 6 प्रतिशत गिर चुका है। कंपनियों की बाजार पूंजी में करीब 25 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है। इस गिरावट से युवा निवेशक भी प्रभावित हो रहे हैं। बाजार के निवेशकों में 30 साल से कम उम्र के लोगों की संख्या करीब 37.9 प्रतिशत है, जबकि म्यूचुअल फंड में इस आयु वर्ग की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत है। 28 अगस्त को सेंसेक्स 77,265 पर था, जो 28 सितंबर को 72,772 पर आ गया। इसी दौरान ब्रेंट क्रूड 88.10 डॉलर से बढ़कर 109.02 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
तेल के साथ बॉन्ड यील्ड बढ़ना, ब्याज दरें बढ़ने की आशंका और विदेशी बिकवाली ने बाजार को चारों तरफ से घेर लिया है। यदि ब्याज दरें बढ़ती हैं तो कर्ज महंगा होगा और ईएमआई बढ़ेगी। महंगाई को रोकने के लिए उठाया गया कदम लोगों की जेब पर भारी पड़ सकता है। मुख्य आर्थिक सलाहकार अनंत नागेश्वरन ने भी निकट भविष्य की चुनौतियों में अस्थिर वैश्विक संबंध, ऊर्जा बाजार का संकट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की धीमी प्रगति को रेखांकित किया है।
सरकार के सामने एक तरफ महंगाई रोकने की चुनौती है तो दूसरी तरफ बाजार और विकास दर को संभालने की। ब्याज दरें बढ़ाने से महंगाई पर अंकुश लग सकता है, लेकिन विकास प्रभावित हो सकता है। दरें नहीं बढ़ाने पर रुपये और विदेशी निवेश पर दबाव बढ़ सकता है।
ऐसे समय में बाजार के जानकार घबराने के बजाय संभलकर चलने की सलाह दे रहे हैं। लंबी अवधि के निवेशकों को धैर्य रखना चाहिए और छोटे निवेशकों को एकमुश्त निवेश से बचते हुए सिप के जरिए निवेश जारी रखना चाहिए। क्रूड और महंगाई से गिरा बाजार केवल आंकड़ों की गिरावट नहीं है। तेल महंगा होगा तो परिवहन महंगा होगा और इसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा। बाहरी असर को हल्के में लेना ठीक नहीं है। संभलकर चलना ही इस समय सबसे बड़ी रणनीति है।













