नई दिल्ली, 3 अक्टूबर।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की मांग को लेकर उठे विवाद के बीच बहरामपुर से सांसद यूसुफ पठान ने इस सिफारिश से अपना नाम अलग कर लिया है। पठान ने साफ कहा कि उन्होंने ज्ञानेश कुमार को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की मांग वाला कोई पत्र नहीं लिखा है। उनके नाम से ऐसा कोई पत्र सामने आता है तो उसकी प्रति सार्वजनिक करने की मांग भी उन्होंने की है।
मामला उस समय सामने आया, जब नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया ने 30 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की। पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव और चुनावी प्रक्रिया के संचालन का हवाला देते हुए यह मांग रखी थी।
यूसुफ पठान ने सोशल मीडिया पर कहा कि बंगाल, मुर्शिदाबाद, बहरामपुर और देशभर में लोग अपने मतदान के अधिकार को लेकर आवाज उठा रहे हैं। ऐसे समय में वह किसी पुरस्कार की सिफारिश क्यों करेंगे। उन्होंने दोहराया कि उन्होंने ऐसा कोई पत्र नहीं लिखा है और यदि कोई पत्र मौजूद है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
पठान हाल में तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल हुए हैं।














