भुवनेश्वर, 05 अक्टूबर।
ओडिशा के वीर स्वतंत्रता सेनानी और देश के सबसे कम उम्र के शहीदों में शामिल बाजी राउत की जयंती पर राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंहदेव और प्रभाती परिडा सहित कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने उनके साहस, देशभक्ति और सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए कहा कि बाजी राउत का जीवन हमेशा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी रहेगा।
राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति ने संदेश जारी कर बाजी राउत को उनकी जयंती पर नमन किया। उन्होंने कहा कि केवल 12 वर्ष की उम्र में अन्याय और अत्याचार के खिलाफ प्राणों का बलिदान देने वाले बाजी राउत का साहस और निर्भीकता इतिहास में अमर है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि 12 वर्ष की आयु में देश के लिए प्राण न्योछावर कर इतिहास रचने वाले बाजी राउत का त्याग और देशप्रेम हमेशा लोगों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने जयंती पर शहीद सेनानी को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंहदेव ने ओडिशा के वीर स्वतंत्रता सेनानी के अमर बलिदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने भी बाजी राउत को देश के सबसे कम उम्र के शहीदों में शामिल बताते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग ने बाजी राउत को ओडिशा का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि बेहद कम उम्र में देश के लिए दिया गया उनका बलिदान इतिहास में हमेशा दर्ज रहेगा।
विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने बाजी राउत को साहस और निर्भीकता की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि देशसेवा के लिए 12 वर्ष की उम्र में दिया गया उनका बलिदान हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं संबलपुर सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने भी बाजी राउत को जयंती पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए उनका अदम्य साहस और बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा।














