लखनऊ, 5 अक्टूबर।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राजधानी के बाढ़ प्रभावित फैजुल्लागंज क्षेत्र का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण करने के साथ हवाई सर्वेक्षण भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि पिछले दस दिनों में प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में भारी बारिश हुई है। इसके कारण कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर स्थानीय बारिश से बहुत अधिक नहीं बढ़ा, बल्कि पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और नेपाल क्षेत्र में हुई बारिश का पानी आने से नदी का जलस्तर बढ़ा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार बक्शी का तालाब, लखनऊ उत्तर और फैजुल्लागंज क्षेत्र जलभराव से प्रभावित हैं। उन्होंने प्रभावित इलाकों में कई स्थानों का मौके पर निरीक्षण किया और हवाई सर्वेक्षण के जरिए भी स्थिति देखी।
योगी आदित्यनाथ ने सिंचाई विभाग को फैजुल्लागंज से नैमिषारण्य तक तटबंध निर्माण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, सलाहकार अवनीश अवस्थी, पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा, जिलाधिकारी विशाख जी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
बाढ़ प्रभावित परिवारों से मिले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। उन्होंने महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों से मुलाकात कर प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही राहत व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा शिविर का निरीक्षण किया और डॉक्टरों से बाढ़ प्रभावित लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को कहा। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर प्रभावित लोगों ने खुशी जताई।














