पुणे, 05 अक्टूबर।
महाराष्ट्र में विधायक रोहित पवार के नेतृत्व में पांच दिनों से चल रहे प्रदर्शन को भाजपा ने राजनीतिक स्टंट करार दिया है। भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने सोमवार को आरोप लगाया कि आंदोलन में करीब 80 प्रतिशत लोग राजनीतिक कार्यकर्ता हैं।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान बन ने दावा किया कि प्रदर्शन के शुरुआती चार दिनों में छात्रों की मौजूदगी नहीं थी। इसके बाद पुणे के बाहर से रोहित पवार और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को आंदोलन में लाया गया। उन्होंने इनमें बारामती एग्रो एंड शुगर फैक्टरी के कर्मचारियों के शामिल होने का भी दावा किया।
बन के अनुसार, करीब 200 से 250 वाहनों के जरिए राजनीतिक दलों के झंडे और स्टिकर लगाए कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ जुटाने के लिए पैसे दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि रोहित पवार अब एमपीएससी अध्यक्ष विवेक भीमनवार को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं, हालांकि पेपर लीक की घटना उनके कार्यकाल में नहीं हुई थी। मामले में छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जिस सचिव के तबादले की मांग की गई थी, वह भी पूरी हो चुकी है।
बन ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात कर उनकी मांगों पर चर्चा की है। रोहित पवार पुणे में एमपीएससी परीक्षा के पेपर लीक के मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और आयोग के अध्यक्ष को हटाने की मांग कर रहे हैं।
भाजपा नेता के आरोपों पर रोहित पवार ने कहा कि सरकार को आंदोलन को देखते हुए कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से अनर्गल बयान दिए जा रहे हैं और वे इसका जवाब देना उचित नहीं समझते।













