शिमला, 5 अक्टूबर।
जिला कांग्रेस कमेटी शिमला ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर अपना आंदोलन आगे बढ़ाने का फैसला किया है। सोमवार को राजीव भवन में हुई संगठनात्मक बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। बैठक में बूथ और वार्ड स्तर पर संगठन को मजबूत करने के साथ जिला कार्यकारिणी में नए और युवा सदस्यों को जिम्मेदारी देने पर चर्चा हुई।
बैठक में कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी आपत्तियां रखीं। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान अनियमितताएं हुई हैं और इससे पात्र मतदाताओं के मताधिकार पर असर पड़ सकता है। इसी मुद्दे को लेकर जिला कांग्रेस ने विरोध गतिविधियों को आगे जारी रखने का निर्णय लिया।
जिला कांग्रेस के अनुसार कथित ‘वोट चोरी’ और चुनाव आयोग के फैसलों के विरोध में राष्ट्रपति को जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन देने की प्रक्रिया जारी रहेगी। बैठक में आंदोलन को लेकर आगे की रूपरेखा पर भी विचार किया गया।
आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बूथ और वार्ड समितियों को पुनर्गठित कर सक्रिय बनाने पर जोर दिया गया। कार्यकर्ताओं से घर-घर संपर्क बढ़ाने और लोगों से संवाद के जरिए संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने को कहा गया। पार्टी ने वार्ड स्तर की सक्रियता को चुनावी तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
बैठक में जिला कार्यकारिणी के विस्तार पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस के अनुसार उच्च नेतृत्व के निर्देशों के अनुरूप कार्यकारिणी में नए सदस्यों को शामिल किया जाएगा। संगठन के प्रति समर्पित, सक्रिय और युवा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां देने पर सहमति बनी।
संगठन में अनुशासन को लेकर भी नेताओं ने स्पष्ट रुख रखा। बैठक में कहा गया कि अनुशासनहीनता और पार्टी के निर्देशों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। बूथ से लेकर वार्ड स्तर तक संगठन को सक्रिय करते हुए आगामी विधानसभा चुनावों के लिए तैयारियां मजबूत करने पर जोर दिया गया।














