हिसार, 5 अक्टूबर।
जिले के दुर्जनपुर गांव स्थित पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अर्थशास्त्र, जीव विज्ञान, संस्कृत और इतिहास विषयों के शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने का मामला सामने आया है। शिक्षकों की कमी को लेकर डीवाईएफआई और एसएफआई की जिला कमेटी ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जल्द शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की।
डीवाईएफआई के जिला प्रधान पंकज बगला और एसएफआई के जिला प्रधान निखिल राजली ने सोमवार को कहा कि चार महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई नियमित रूप से नहीं हो पा रही है। शिक्षा सत्र का काफी समय बीतने के बावजूद इन विषयों की कक्षाएं सुचारु नहीं हो सकी हैं। इससे सैकड़ों विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो पा रहा है। इसका असर बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम के साथ उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर भी पड़ सकता है। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए स्थिति अधिक कठिन है, क्योंकि वे निजी ट्यूशन का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं।
संगठन के नेताओं ने कहा कि विद्यालय पीएम श्री योजना के अंतर्गत चयनित है। इस योजना का उद्देश्य स्कूलों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के आदर्श केंद्र के रूप में विकसित करना है। ऐसे विद्यालय में चार प्रमुख विषयों के शिक्षकों का अभाव शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से तत्काल कदम उठाने की मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से अर्थशास्त्र, जीव विज्ञान, संस्कृत और इतिहास के स्थायी शिक्षकों की जल्द नियुक्ति की मांग की गई। स्थायी नियुक्ति होने तक अतिथि या अस्थायी शिक्षकों की व्यवस्था करने की मांग भी रखी गई, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई आगे प्रभावित न हो।
पंकज बगला और निखिल राजली ने कहा कि यदि शिक्षा विभाग ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो विद्यार्थियों के हित में डीवाईएफआई और एसएफआई आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस दौरान डीवाईएफआई के राज्य प्रधान मुकेश कुमार, भूपेश सोनी, साहिल और दुर्जनपुर डीवाईएफआई कोषाध्यक्ष शलू सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।














