भुवनेश्वर, 05 अक्टूबर।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि पिछली सरकार ने अलग-अलग कारणों का हवाला देकर वर्ष 2017 से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए। इससे एक पूरी पीढ़ी के विद्यार्थी अपने प्रतिनिधि चुनने के लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित रहे। अब राज्य सरकार ने विद्यार्थियों से किए वादे के अनुसार चुनाव फिर कराने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को सोशल मीडिया के जरिए जारी संदेश में बताया कि लंबे अंतराल के बाद 15 अक्टूबर को ओडिशा के सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने विद्यार्थियों का लोकतांत्रिक अधिकार बहाल करने का वादा किया था और अब निर्णय लेकर उसे लागू भी किया जा रहा है।
माझी ने कहा कि ओडिशा के युवा केवल भविष्य के नेतृत्वकर्ता नहीं हैं, बल्कि वर्तमान में भी राज्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। शिक्षण संस्थानों और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विद्यार्थियों की आवाज, विचार और आकांक्षाओं को उचित स्थान मिलना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव को केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं माना जा सकता। इसके जरिए युवाओं को लोकतंत्र में भागीदारी करने, अपने प्रतिनिधि चुनने और नेतृत्व के गुण विकसित करने का अवसर मिलता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने विद्यार्थियों को उनका लोकतांत्रिक अधिकार वापस देने का संकल्प लिया था और चुनाव बहाल कर यह वादा पूरा किया है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास, अनुशासन, गरिमा और लोकतांत्रिक भावना के साथ चुनाव में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी आवाज को मजबूती दें, प्रतिनिधियों का चयन करें और शिक्षण संस्थानों के साथ ओडिशा के भविष्य के निर्माण में भी सक्रिय योगदान दें।
माझी ने कहा कि आत्मविश्वास से भरपूर युवा और सक्रिय परिसर लोकतंत्र समृद्ध एवं विकसित ओडिशा के निर्माण के लिए बेहद जरूरी हैं।














