जोधपुर, 5 अक्टूबर।
हाल ही में एक फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड में झुलसे और जान गंवाने वाले अग्निशमन कर्मचारियों के समर्थन में सोमवार को ठेका व संविदा अग्निशमन कर्मियों सहित अन्य लोगों ने कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर मृत कर्मचारियों को शहीद का दर्जा देने, उनके परिवारों को आर्थिक सहायता देने और ठेका व संविदा कर्मचारियों को नियमित करने सहित कई मांगें रखीं।
ज्ञापन में बताया गया कि हाल में एक रासायनिक फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान अचानक हुए विस्फोट में कई ठेका अग्निशमन कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए थे। उपचार के दौरान तीन कर्मचारियों की मौत हो गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इन कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने और लोगों की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डाली। घटना के बाद मृत कर्मचारियों के परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है, वहीं घायल कर्मियों को भी इलाज और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में तीनों मृत कर्मचारियों को शहीद का दर्जा देने, उनके परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और एक पात्र आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग की गई। घायल कर्मचारियों के लिए निशुल्क उपचार, 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और जरूरी मदद उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।
प्रदर्शनकारियों ने लंबे समय से अग्निशमन विभाग में कार्यरत सभी ठेका व संविदा कर्मचारियों को उनकी सेवा अवधि और अनुभव के आधार पर नियमित करने की मांग की। नियमितीकरण होने तक कर्मचारियों की सेवा निरंतर और सुरक्षित रखने तथा सभी ठेका अग्निशमन कर्मियों का पर्याप्त दुर्घटना एवं जीवन बीमा कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
इसके अलावा कोरोना महामारी के दौरान दी गई सेवाओं और वर्षों की जोखिमपूर्ण ड्यूटी को सेवा अनुभव में विशेष महत्व देने, ठेका कर्मचारियों के वेतन और सेवा शर्तों की नियमित समीक्षा करने तथा वेतन-मानदेय बढ़ाकर सम्मानजनक पारिश्रमिक निर्धारित करने की मांग की गई।














