रायगढ़, 05 अक्टूबर।
शिक्षा, कौशल विकास और रोजगारपरक प्रशिक्षण के क्षेत्र में कार्यरत आईसेक्ट की ओर से समर्थ भारत–सक्षम भारत अभियान के तहत कौशल विकास यात्रा–2026 शुरू की जा रही है। यह यात्रा 5 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक चलेगी और इसका शुभारंभ रायगढ़ के पहाड़ मंदिर रोड स्थित प्रधानमंत्री कौशल केंद्र से होगा।
देशव्यापी अभियान के तहत यात्रा को 20 राज्यों के 300 जिलों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान 500 से अधिक स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों से संपर्क किया जाएगा। साथ ही 1,000 से अधिक आईसेक्ट कौशल ज्ञान प्रदाताओं और केंद्रों के साथ समन्वय की योजना है।
यात्रा के समन्वयक सचिन जैन ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, युवाओं और शिक्षकों को कौशल विकास, नई शिक्षा नीति, करियर अवसर, आधुनिक तकनीक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा विकल्पों की जानकारी देना है।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक शैक्षणिक जानकारी, करियर मार्गदर्शन और कौशल आधारित प्रशिक्षण के अवसर पहुंचाने पर भी जोर दिया जाएगा। इस वर्ष यात्रा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता साक्षरता अभियान को विशेष महत्व दिया गया है।
इसके तहत विद्यार्थियों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता की जानकारी और इसमें भविष्य के अवसरों से जुड़े जागरूकता सत्र होंगे। इनमें इसके परिचय, शिक्षा और दैनिक जीवन में उपयोग, उपकरणों की व्यावहारिक उपयोगिता, जिम्मेदार उपयोग और उभरते करियर विकल्पों की जानकारी दी जाएगी।
यात्रा के दौरान चयनित शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों का क्यूआर कोड के जरिए पंजीयन, शैक्षणिक पहलों की जानकारी, जागरूकता सामग्री का वितरण, प्रस्तुतियां और करियर परामर्श सत्र आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, प्रतिष्ठित लोगों और संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधियों की भागीदारी का प्रयास किया जाएगा। संबंधित जिलों और आसपास के आईसेक्ट केंद्रों के साथ बैठकें कर विद्यार्थी संपर्क और आगे की परामर्श गतिविधियों के लिए समन्वय भी किया जाएगा।
विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति, उच्च शिक्षा के विकल्प, करियर चयन, रोजगारपरक कौशल और विभिन्न पाठ्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी। इनमें कौशल आधारित, निजी और नियमित कार्यक्रम, ऑनलाइन स्नातक एवं स्नातकोत्तर कार्यक्रम, ऑनलाइन व मिश्रित शिक्षण विकल्प और विश्वविद्यालयों से जुड़े परिसर आधारित डिग्री कार्यक्रम शामिल हैं।
क्षेत्रीय जरूरतों के अनुसार कंप्यूटर, भविष्य के कौशल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हार्डवेयर, बैंकिंग एवं वित्त, शिक्षक प्रशिक्षण, कृषि आधारित पाठ्यक्रम और खुदरा क्षेत्र जैसे रोजगारपरक विषयों की जानकारी भी साझा की जाएगी।
यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा और प्रशिक्षण के विकल्पों से जोड़ना है। यात्रा के बाद स्थानीय आईसेक्ट केंद्रों के माध्यम से इच्छुक विद्यार्थियों से संपर्क, परामर्श, पाठ्यक्रम संबंधी मार्गदर्शन और प्रवेश संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।














