बलरामपुर, 5 अक्टूबर।
विद्यार्थियों और अभिभावकों को शैक्षणिक दस्तावेज हासिल करने के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कई सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समयबद्ध कर दिया गया है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की पहल पर लागू इस व्यवस्था में जरूरी दस्तावेज निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तय समय में उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
नई व्यवस्था में डुप्लीकेट माइग्रेशन प्रमाण-पत्र, डुप्लीकेट अंकसूची, उत्तरपुस्तिका की पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन और उत्तरपुस्तिका की फोटोकॉपी जैसी सेवाओं को शामिल किया गया है। इन सभी कार्यों के लिए 60 दिन की समय-सीमा तय की गई है।
मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने दस्तावेजों के लिए परेशानी उठानी पड़े, यह उचित नहीं है। परीक्षा परिणाम के बाद उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं सहित कई शैक्षणिक कार्यों में इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है।
उन्होंने अधिकारियों को विद्यार्थियों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरतने और तय अवधि का पालन करने के निर्देश दिए। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने के लिए पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
समय-सीमा निर्धारित होने से सेवाओं में जवाबदेही बढ़ेगी और विद्यार्थियों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी।














