पटना, 06 अक्टूबर।
विवादित भोजपुरी गीत को लेकर कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने साइबर आईजी और साइबर एसपी को विधि-सम्मत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने गीत से जुड़े वीडियो, शब्दों, ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति और डिजिटल संदर्भ की जांच करने के साथ उपलब्ध डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने को कहा है।
मामला उस भोजपुरी गीत से जुड़ा है, जो यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया मंचों पर प्रसारित होने के बाद विवादों में आया। गीत में जातिसूचक और अश्लील शब्दों के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई गई है। नाई/सैन समाज की ओर से ज्ञापन देकर संबंधित वीडियो हटाने और गायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई है। प्रतिनिधिमंडल में संदीप ठाकुर, कृष्ण ठाकुर, अखिलेश शर्मा, देव किशन ठाकुर और सतीश ठाकुर सहित अन्य लोग शामिल रहे।
मंत्री ने कहा कि लोकगीत और लोकसंगीत बिहार की सांस्कृतिक परंपरा का अहम हिस्सा हैं और इनके जरिए सकारात्मक संदेश सामने आना चाहिए। अश्लीलता, फूहड़ता, जातिसूचक टिप्पणी या किसी समुदाय, व्यक्ति और विशेष रूप से महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री स्वीकार नहीं की जाएगी।
साइबर पुलिस को सामग्री की निष्पक्ष जांच कर यह देखने को कहा गया है कि उसमें अपमानजनक, मानहानिकारक, अश्लील या सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाली सामग्री तो नहीं है। ऐसी सामग्री मिलने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित सामग्री हटाने या रोकने पर भी जोर दिया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई का उद्देश्य अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता रोकना नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और नागरिकों की गरिमा सुनिश्चित करना है।














