नई दिल्ली, 6 अक्टूबर।
उत्तर रेलवे ने 2×25 केवी विद्युतीकरण उन्नयन कार्यों के दौरान सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए फिरोजपुर और अंबाला मंडलों में सुरक्षा एवं गुणवत्ता सुधार शिविर आयोजित किए। इनका उद्देश्य कार्यस्थल पर बेहतर समन्वय और निर्धारित मानकों के पालन को मजबूत करना रहा।
फिरोजपुर मंडल का शिविर जालंधर में हुआ। इसमें रेलवे, परियोजना इकाई और ट्रैक्शन वितरण विभाग के 123 कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कर्मचारियों को फाउंडेशन कास्टिंग के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षा सावधानियों और गुणवत्ता जांच का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
अंबाला मंडल में दिल्ली जंक्शन-अंबाला कैंट और सानेहवाल-सहारनपुर खंड में ऊपरी विद्युत उपकरण तथा विद्युत आपूर्ति स्थापना के उन्नयन को लेकर शिविर लगाया गया। इसमें 119 कर्मचारियों और 12 अधिकारियों सहित कुल 131 प्रतिभागी शामिल हुए।
दोनों शिविरों में रेलवे ट्रैक के पास क्रेन, जेसीबी और खुदाई मशीनों के सुरक्षित संचालन पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही पटरियों, सिग्नलिंग और दूरसंचार प्रणालियों की सुरक्षा तथा सुरक्षित रेल परिचालन से जुड़े पहलुओं को समझाया गया।
प्रशिक्षण में फाउंडेशन कास्टिंग, मस्तूल निर्माण, सही संरेखण, ग्राउटिंग, फीडर वायर लगाने और भूमिगत अर्थ कंडक्टर बिछाने के दौरान सुरक्षा एवं गुणवत्ता संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी दी गई।
कर्मचारियों को खराब मौसम में बरती जाने वाली सावधानियों, आपात स्थिति से निपटने, दुर्घटना की सूचना देने और बचाव कार्यों की प्रक्रिया का भी प्रशिक्षण दिया गया।
उत्तर रेलवे का उद्देश्य बुनियादी ढांचे से जुड़े उन्नयन कार्यों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के साथ रेलकर्मियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता को और मजबूत करना है।













