भागलपुर, 07 अक्टूबर।
वोट चोरी और लोकतांत्रिक संस्थाओं के कथित दुरुपयोग के विरोध में राजद कार्यकर्ताओं ने बुधवार को सुल्तानगंज प्रखंड मुख्यालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले जलाए गए।
कार्यक्रम का नेतृत्व पूर्व बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के अध्यक्ष और वरिष्ठ राजद नेता डॉ. चक्रपाणि हिमांशु ने किया। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
पुतला दहन से पहले राजद कार्यकर्ताओं ने प्रखंड मुख्यालय परिसर और सुल्तानगंज के मुख्य मार्गों पर विरोध रैली निकाली। कार्यकर्ताओं के हाथों में तख्तियां और बैनर थे। उन्होंने लोकतंत्र की हत्या बंद करने, वोट चोरी का हिसाब देने और चुनाव आयोग की निष्पक्षता बहाल करने की मांग को लेकर नारे लगाए।
रैली के बाद प्रखंड मुख्यालय के मुख्य चौराहे पर प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त के पुतलों को आग के हवाले किया गया।
डॉ. चक्रपाणि हिमांशु ने कहा कि देश का लोकतंत्र और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर का संविधान खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के प्रभाव और चुनाव आयोग के कथित संरक्षण में जनमत की चोरी की जा रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने चुनाव आयोग से निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने की मांग की।
डॉ. हिमांशु ने कहा कि वोट की चोरी नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर बड़ा हमला है और राजद इसे स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव प्रणाली में पारदर्शिता नहीं लाई गई और जनादेश का सम्मान नहीं हुआ तो सुल्तानगंज से शुरू आंदोलन पूरे प्रदेश और देश में जनआंदोलन का रूप लेगा।
प्रदर्शन में राजद के प्रखंड अध्यक्ष, नगर अध्यक्ष, पंचायत अध्यक्षों के साथ युवा राजद, छात्र राजद और महिला प्रकोष्ठ के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस आंदोलन को बूथ स्तर तक ले जाने का संकल्प लिया।














