नई दिल्ली, 07 अक्टूबर।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वित्तीय धोखाधड़ी और भर्ती में कथित अनियमितताओं के मामलों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए देश के अलग-अलग राज्यों में एक साथ बड़ी छापेमारी और गिरफ्तारियां की हैं। केंद्रीय एजेंसी ने केरलम के त्रिशूर, एर्नाकुलम और कोझिकोड जिलों में सहकारी समितियों से जुड़े कथित घोटालों के लगभग 20 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे, जिसमें लगभग 92 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति का मामला सामने आया है। इस बीच, एक अन्य बड़ी कार्रवाई के तहत कर्नाटक में धन शोधन से जुड़े एक अन्य हाई-प्रोफाइल मामले में कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के निलंबित अध्यक्ष और आयोग की एक सदस्य को गिरफ्तार किया गया है।
केरलम में की गई इन छापों के दायरे में मुख्य रूप से तीन सहकारिता संस्थाएं शामिल हैं, जिनमें अर्बन को-ऑपरेटिव सोसाइटी, थेन्नेला सर्विस को-ऑपरेटिव सोसाइटी और कुट्टानेल्लूर को-ऑपरेटिव बैंक के ठिकाने आते हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, इन समितियों के पदाधिकारियों पर फर्जी तरीके से ऋण जारी करने, अधिक ब्याज का लालच देकर ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी करने और बिना मालिकों की सहमति के गिरवी रखी गई संपत्तियों को इधर-उधर करने के गंभीर आरोप हैं। दूसरी ओर, कर्नाटक लोक सेवा आयोग में पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया के दौरान हुई धांधली, रिश्वतखोरी और अवैध वित्तीय लेनदेन की जांच को आगे बढ़ाते हुए ईडी ने निलंबित अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. साहूकार और आयोग की सदस्य बी.वी. गीता को दबोच लिया है। एजेंसी इस मामले में पहले भी कई परीक्षा नियंत्रकों और बिचौलियों से पूछताछ कर चुकी है और अब इस पूरे सिंडिकेट के अन्य पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जा रही है।














