भोपाल, 18 अप्रैल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए कहा है कि इस बार 10वीं और 12वीं के ऐसे परीक्षार्थियों को विशेष अवसर दिया जा रहा है, जो परीक्षा में अनुपस्थित रहे, अनुत्तीर्ण हुए या अपने अंक सुधारना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि पारंपरिक पूरक परीक्षा की व्यवस्था के स्थान पर अब पहली बार द्वितीय परीक्षा का विकल्प उपलब्ध कराया गया है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि यह नया अवसर उनके भविष्य को संवारने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें रुकना नहीं है, बल्कि इस मौके का पूरा उपयोग करते हुए और बेहतर प्रदर्शन करना है।
उन्होंने जानकारी दी कि इस द्वितीय अवसर परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक विद्यार्थी 22 अप्रैल तक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए एमपी ऑनलाइन पोर्टल के जरिए प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थियों को सुविधा मिल सके।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह नई व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को एक अतिरिक्त मौका देकर उनकी शैक्षणिक प्रगति को आगे बढ़ाना है और असफलता के दबाव को कम करना है।
उन्होंने कहा कि यह पहल छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि हर विद्यार्थी को अपनी क्षमता के अनुसार बेहतर करने का अवसर मिले और वह अपनी पढ़ाई को बिना बाधा जारी रख सके।









