तेंदूखेड़ा एसडीएम कार्यालय में गुरुवार को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। जबलपुर ईओडब्ल्यू की टीम ने एसडीएम कार्यालय में पदस्थ स्टेनो को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद कार्यालय परिसर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया।
जानकारी के अनुसार, तेंदूखेड़ा निवासी कॉलोनाइजर संजय राय ने अपनी कॉलोनी से जुड़ी टाउन एंड कंट्री प्लानिंग संबंधी प्रक्रिया पूरी कराने के लिए एसडीएम कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया था। आरोप है कि फाइल आगे बढ़ाने और निरीक्षण रिपोर्ट लगाने के बदले स्टेनो सौरभ यादव ने 30 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
बताया गया कि शिकायत मिलने के बाद ईओडब्ल्यू मुख्यालय जबलपुर ने मामले का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने पर 13 सदस्यीय टीम ने गुरुवार को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को तय राशि सौंपी, टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे पकड़ लिया। जांच प्रक्रिया के दौरान आरोपी के हाथ धुलवाए गए, जो गुलाबी होने पर रिश्वत लेने की पुष्टि मानी गई।
ईओडब्ल्यू ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधित 2018 की धारा-7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। टीम ने कार्यालय से जुड़े कुछ दस्तावेज भी जब्त किए हैं और मामले में पूछताछ जारी है।
मामले ने नया मोड़ उस समय लिया, जब शिकायतकर्ता संजय राय ने तेंदूखेड़ा एसडीएम पूजा सोनी पर भी गंभीर आरोप लगाए। शिकायतकर्ता का कहना है कि स्टेनो के माध्यम से रिश्वत की मांग की जा रही थी और कार्यालय के रेनोवेशन व पेंटिंग खर्च के नाम पर भी दबाव बनाया गया। हालांकि, इन आरोपों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।








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