मुंबई, 11 अप्रैल।
ठाणे जिला सर्जन डॉ. कैलाश पवार ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में कार्य करते हुए हर मरीज के साथ समान व्यवहार और समाज के हर वर्ग तक समान स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना ही महात्मा ज्योतिबा फुले के विचारों को वास्तविक रूप से अपनाना है।
वे महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर ठाणे जिला सामान्य अस्पताल (सिविल अस्पताल) में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा फुले के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।
डॉ. पवार ने इस अवसर पर फुले के सामाजिक सुधार कार्यों को याद करते हुए कहा कि महिलाओं की शिक्षा, किसानों के अधिकार और सामाजिक समानता के लिए उनका योगदान आज भी प्रेरणादायक है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज से अज्ञानता, भेदभाव और अन्याय को समाप्त करने में शिक्षा सबसे प्रभावी साधन है।
इस कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला सर्जन डॉ. धीरज महानगड़े, डॉ. अर्चना पवार, डॉ. विश्वास वासनिक, प्रतिभा बर्डे, विनोद जोशी सहित नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने महात्मा फुले के विचारों से प्रेरित होकर समाज सेवा और मरीजों की देखभाल के प्रति समर्पण की शपथ ली।


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