उज्जैन जिले में किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अशोक जाट को जिलाबदर किए जाने के विरोध में सोमवार को कांग्रेस का प्रदर्शन उस समय तनावपूर्ण हो गया जब कलेक्ट्रेट का घेराव करने जा रहे कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच बड़नगर रोड स्थित ब्रिज के नीचे लगभग एक घंटे तक तीखी नोकझोंक और हंगामा चलता रहा, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार विधायक महेश परमार और नेता मुकेश भाटी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता ट्रैक्टरों के साथ उज्जैन की ओर पहुंच रहे थे, लेकिन प्रशासन द्वारा कलेक्ट्रेट जाने वाले मार्गों पर बैरिकेड्स लगाकर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई थी, जिससे प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया।
रास्ता रोके जाने पर प्रदर्शनकारी आक्रोशित हो गए और स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई, इस दौरान विधायक महेश परमार समेत कई नेता बैरिकेड्स पर चढ़ गए, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों के साथ उनकी तीखी बहस भी देखने को मिली।
किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि मंडियों के बाहर व्यापारियों द्वारा किसानों की फसलों की तुलाई में अनियमितता की जा रही है और प्रति क्विंटल 8 से 10 किलो अधिक अनाज लिया जा रहा है, साथ ही उन्होंने कहा कि जब अशोक जाट ने इस कथित अनियमितता का विरोध किया और कार्रवाई की मांग उठाई तो प्रशासन ने व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई के बजाय उनके विरुद्ध मामला दर्ज कर उन्हें जिलाबदर कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान शहर के कई मार्गों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और पुलिस ने भारी बल तैनात किया, वहीं लाठीचार्ज के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, हालांकि इसके बावजूद कार्यकर्ता अपनी मांगों पर अड़े रहे और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।












