सूरत, 16 मई।
फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं, क्योंकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ब्राह्मण समाज को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में सूरत की अदालत में उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही आगे बढ़ा दी गई है। वरिष्ठ अधिवक्ता की शिकायत पर अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए आगे की प्रक्रिया शुरू की है।
मामले के अनुसार 19 मार्च 2025 को अनुराग कश्यप द्वारा की गई एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया था, जिसके बाद ब्राह्मण समाज में नाराजगी फैल गई। शिकायत में कहा गया कि पोस्ट के विरोध में आदित्य दत्ता नामक व्यक्ति ने उनसे टिप्पणी हटाने और संयम बरतने की अपील की थी, लेकिन इसके जवाब में कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया।
इसके बाद देश के कई हिस्सों में विरोध दर्ज किया गया और शिकायतें भी दी गईं। इसी क्रम में सूरत के वरिष्ठ अधिवक्ता कमलेश रावल ने अदालत में आपराधिक शिकायत दायर की, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने अनुराग कश्यप को समन जारी कर उपस्थित होने का निर्देश दिया था।
शिकायत पक्ष के अनुसार समन जारी होने और मुंबई स्थित वकील के माध्यम से सूचना मिलने के बावजूद अनुराग कश्यप अदालत में उपस्थित नहीं हुए। अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि आरोपी को पर्याप्त अवसर दिया गया था, लेकिन उन्होंने अपना पक्ष प्रस्तुत नहीं किया।
इसके बाद सूरत कोर्ट ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने का आदेश दिया है, जिनमें समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने और भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। इन धाराओं के तहत अधिकतम पांच वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
वरिष्ठ अधिवक्ता कमलेश रावल ने कहा कि अदालत के आदेश के बाद मामला अब औपचारिक आपराधिक ट्रायल में बदलेगा और वे साक्ष्यों के आधार पर कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक हस्तियों को अपने बयानों में मर्यादा रखनी चाहिए।




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