नई दिल्ली, 09 अप्रैल।
पश्चिम एशिया में सीजफायर को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तल्ख बयानबाजी ने ग्लोबल मार्केट में एक बार फिर अस्थिरता पैदा कर दी है। अमेरिका ने ईरान की शर्तों को अनुचित बताया है, जबकि ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की चेतावनी दोहराई है। इस तनाव ने वैश्विक बाजारों में दबाव की स्थिति पैदा कर दी है, जिससे निवेशकों में बेचैनी देखने को मिल रही है।
अमेरिकी बाजार पिछली बार सीजफायर की घोषणा के बाद मजबूती के साथ बंद हुए थे, लेकिन अब डाउ जॉन्स फ्यूचर मामूली कमजोरी के साथ कारोबार कर रहा है। यूरोपीय बाजार ने भी पिछले सत्र में मजबूती दिखाई थी। वहीं एशियाई बाजार में सीजफायर के असफल होने की आशंका के चलते बिकवाली का दबाव बढ़ गया है।
अमेरिकी बाजार में पिछले सत्र के दौरान लगातार तेजी बनी रही। एस एंड पी 500 इंडेक्स 166.04 अंक उछल कर 6,782.89 अंक पर बंद हुआ। नैस्डेक 617.15 अंक की छलांग के साथ 22,635 अंक पर रहा। हालांकि, आज सीजफायर के तनाव के कारण डाउ जॉन्स फ्यूचर्स 0.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 47,897.02 अंक पर कारोबार कर रहा है।
यूरोपीय बाजार में भी पिछली सत्र में तेजी देखने को मिली। एफटीएसई इंडेक्स 260.09 अंक बढ़कर 10,608.88 अंक पर बंद हुआ। सीएसी इंडेक्स 355.13 अंक उछलकर 8,263.87 अंक पर पहुंचा। डीएएक्स इंडेक्स में 1,159.04 अंक की बढ़त दर्ज की गई और यह 24,080.63 अंक पर बंद हुआ।
एशियाई बाजार में आज दबाव का माहौल है। नौ प्रमुख बाजारों में आठ के सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। केवल थाईलैंड का सेट कंपोजिट इंडेक्स 0.55 प्रतिशत बढ़कर 1,493.25 अंक पर मजबूती के साथ खुला।
गिफ्ट निफ्टी 135.50 अंक गिरकर 23,963.50 अंक पर है। स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 0.40 प्रतिशत कमजोर होकर 4,976.12 अंक पर पहुंचा। कोस्पी इंडेक्स में 93.30 अंक यानी 1.59 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज हुई।
निक्केई इंडेक्स 422.42 अंक फिसलकर 55,886 अंक पर, शंघाई कंपोजिट 0.73 प्रतिशत लुढ़ककर 3,965.70 अंक पर, हैंग सेंग 0.20 प्रतिशत कमजोर होकर 25,841 अंक पर, ताइवान वेटेड 0.18 प्रतिशत गिरकर 34,699 अंक पर और जकार्ता कंपोजिट 0.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 7,271.33 अंक पर कारोबार कर रहे हैं।


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