केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने घोषणा की है कि आगामी चार वर्षों में देश के मेडिकल कॉलेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर दस हजार नई सीटों का सृजन किया जाएगा। वे मंगलवार को भारत मंडपम में आयोजित एम्स नई दिल्ली के 51वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि एम्स नई दिल्ली वर्तमान में नौ सौ से अधिक बाह्य अनुसंधान परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है, जिनके लिए आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही संस्थान को देशभर में स्थापित नए एम्स संस्थानों को मार्गदर्शन और सहयोग देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
स्नातक विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह दीक्षांत समारोह केवल शिक्षा की समाप्ति नहीं, बल्कि सेवा और ज्ञान के नए युग की शुरुआत का प्रतीक है, जो चिकित्सा क्षेत्र को डिजिटल भविष्य से जोड़ता है।
उन्होंने बताया कि एम्स में तीन सौ करोड़ रुपये की लागत से नौ सौ से अधिक अनुसंधान परियोजनाएं संचालित हो रही हैं, जबकि आंतरिक स्तर पर भी डेढ़ सौ से अधिक शोध कार्य जारी हैं। अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में भी एम्स नई दिल्ली ने उल्लेखनीय प्रगति करते हुए वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले ग्यारह वर्षों में एम्स के बुनियादी ढांचे के विकास पर दो हजार आठ सौ करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। देश में एम्स संस्थानों की संख्या सात से बढ़कर तेईस हो गई है, जबकि मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी चार सौ से बढ़कर आठ सौ से अधिक हो चुकी है।
समारोह में विभिन्न शैक्षणिक और अनुसंधान क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए पूर्व संकाय सदस्यों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को कुल 523 डिग्रियां प्रदान की गईं तथा मेधावी छात्रों को पदक और प्रशंसा प्रमाण पत्र दिए गए।











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