आसनसोल, 13 अप्रैल
पश्चिम बंगाल में अल्पसंख्यकों और वंचित वर्गों की राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य राज्य के मुसलमानों को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना है और एआईएमआईएम वंचित तबकों की आवाज बनकर उभर रही है।
पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार के सिलसिले में आसनसोल पहुंचे ओवैसी ने सोमवार को रानीगंज स्थित दरगाह हुजूर गौसे बंगला पर पहुंचकर इबादत की, जहां उनके साथ जिले के कई पार्टी पदाधिकारी और आसनसोल उत्तर सीट से पार्टी उम्मीदवार दानिश अजीज भी मौजूद रहे।
मजार पर दुआ करने के बाद मीडिया से बातचीत में ओवैसी ने कहा कि अब समय आ गया है जब बंगाल के मुसलमानों को अपना स्वतंत्र और मजबूत राजनीतिक नेतृत्व तैयार करना चाहिए, क्योंकि लंबे समय से वे कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।
उन्होंने आगे कहा कि आज भी राज्य में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय गरीबी और अशिक्षा जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है, ऐसे में इस स्थिति से बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता राजनीतिक सशक्तिकरण ही है।
ओवैसी ने अपनी पार्टी पर लगने वाले ‘बी टीम’ के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एआईएमआईएम किसी भी दल की पिछलग्गू नहीं है, बल्कि कभी इसे भाजपा की बी टीम तो कभी तृणमूल कांग्रेस की बी टीम कहा जाता है, जबकि वास्तविकता यह है कि उनकी पार्टी केवल हाशिए पर खड़े और वंचित वर्गों की आवाज उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एआईएमआईएम का लक्ष्य उन समुदायों को उनका अधिकार दिलाना है जो लंबे समय से राजनीतिक उपेक्षा का शिकार रहे हैं, और पार्टी का ध्यान उन क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा जहां अल्पसंख्यक और वंचित वर्ग निर्णायक भूमिका निभाते हैं।




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