रायपुर, 30 मार्च।
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के ग्राम बम्बुरडीह की कृषक अमृत बाई बंजारे ने सीमित संसाधनों के बावजूद आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर आर्थिक रूप से मजबूती हासिल की है।
अमृत बंजारे ने अब तक लगभग 80 टन बैंगन का उत्पादन किया है, जिससे उन्हें लगभग 9 लाख 60 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। यह आय उनकी पारंपरिक खेती की तुलना में कई गुना अधिक है, जिसने उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है।
उन्होंने बताया कि उनकी शैक्षणिक योग्यता केवल 5वीं कक्षा तक है। पहले वे अपनी 2.87 हेक्टेयर भूमि में परंपरागत धान की खेती करती थीं, जिसमें उत्पादन कम और लागत अधिक होने के कारण लाभ सीमित था।
वर्ष 2025-26 में उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने 1.45 हेक्टेयर सिंचित भूमि में ग्राफ्टेड बैंगन (किस्म टछत् 212) की उन्नत खेती शुरू की। इस दौरान उन्होंने ड्रिप सिंचाई प्रणाली, मल्चिंग पेपर और आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग करते हुए वैज्ञानिक पद्धति अपनाई। इन तकनीकों से जल की बचत हुई और फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादन में वृद्धि हुई।
अमृत बाई बंजारे को वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत 0.40 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्राफ्टेड बैंगन के लिए 30,000 रुपये तथा राज्य पोषित योजना अंतर्गत समेकित उद्यानिकी विकास के लिए 54,485 रुपये का अनुदान भी प्रदान किया गया। इस सहयोग ने उन्हें आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया और जोखिम कम किया।




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