चेन्नई, 12 मई।
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम में स्पष्ट विभाजन की स्थिति बन गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता सीवी षणमुगम ने मुख्यमंत्री विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम को समर्थन देने की घोषणा की है, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, सीवी षणमुगम के साथ करीब तीस विधायकों के समर्थन की बात भी सामने आई है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि जनादेश का सम्मान करते हुए वे विजय के नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन करेंगे। उनका कहना है कि यदि वे द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के साथ जाते तो पार्टी का अस्तित्व संकट में पड़ सकता था।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी ओर से पार्टी को तोड़ने का कोई प्रयास नहीं किया गया है और एडप्पादी पलानीसामी ही उनके नेता बने रहेंगे। इस बयान के बाद पार्टी के भीतर गुटबाजी और मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।
यह पूरा घटनाक्रम विधानसभा के पहले सत्र के दौरान सामने आया, जिसके बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम से तमिलनाडु की सियासी समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।











.jpg)
