भोपाल, 16 अप्रैल
अगर आपने भोपाल हाउसिंग बोर्ड के आवासीय मकान में दुकान, दफ्तर, गोदाम या कोई अन्य व्यापार खोल रखा है, तो सावधान हो जाइए। भोपाल हाउसिंग बोर्ड अब लीज शर्तों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के मूड में है। बोर्ड ने शहर में,2000 से ज्यादा,ऐसी संपत्तियों की सूची तैयार कर ली है, जहां आवासीय प्लॉटों पर व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं।
अब तक बोर्ड 100 मालिकों को नोटिस थमा चुका है और बाकी संपत्तियों का भौतिक सत्यापन जारी है। बोर्ड के इंजीनियर लगातार साइट विजिट कर रहे हैं और उल्लंघन की पुष्टि कर रहे हैं।
यह समस्या बोर्ड की लगभग सभी प्रमुख कॉलोनियों में फैली हुई है। सबसे ज्यादा उल्लंघन करने वाले इलाकों में नेहरू नगर, कोटरा, कोटरा सुल्तानाबाद, शाहपुरा, बागमुगालिया, अरविंद विहार, बाग सेवानिया, सुभाष नगर, गौतम नगर, अशोका गार्डन, ऐशबाग, जवाहर चौक, कोहेफिजा, अरेरा कॉलोनी (ई-7), सोनागिरी और अयोध्या नगर,शामिल हैं।
बोर्ड ने पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखने का फैसला किया है। सबसे पहले इंजीनियर मौके पर जाकर सत्यापन करेंगे। रिपोर्ट के आधार पर संपदा अधिकारी बोर्ड की अपनी अदालत में केस दायर करेंगे। हाउसिंग बोर्ड एक्ट की धारा 55(1) के तहत सुनवाई होगी। दोषी पाए जाने पर मालिक को 30 दिन का समय दिया जाएगा, जिसमें दुकान या व्यापार पूरी तरह बंद करना होगा। अगर 30 दिन बाद भी उल्लंघन जारी रहा, तो बोर्ड संपत्ति अपने कब्जे में ले लेगा और ताला लगवा सकता है।संपदा अधिकारी राजेश शुक्ला ने कहा, “आवासों के भौतिक सत्यापन का काम चल रहा है। जिन आवासों में व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं, उनको चिह्नित किया जा रहा है। नोटिस देने के बाद नियम शर्तों के तहत आगे की कार्रवाई होगी।”
यह सख्ती हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद शुरू हुई है, जिसमें पूरे देश के राजधानी शहरों में आवासीय क्षेत्रों को व्यावसायिक उपयोग में बदलने पर जांच का आदेश दिया गया था। आवासीय कॉलोनियों में दुकानों और ट्रैफिक के कारण रहन-सहन प्रभावित हो रहा था, इसलिए बोर्ड अब नियमों का सख्ती से पालन कराने जा रहा है।
बोर्ड ने सभी हाउसिंग बोर्ड आवास मालिकों से अपील की है कि वे अपनी लीज़ शर्तें जांच लें और अगर व्यावसायिक उपयोग चल रहा है तो उसे तुरंत बंद कर दें, वरना भारी नुकसान हो सकता है।




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