भोपाल, 13 मई।
महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि प्रदेश के बच्चों का सर्वांगीण विकास ही विकसित मध्यप्रदेश 2047 की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। वे भोपाल में आयोजित ‘बाल बजटिंग’ प्रशिक्षण कार्यशाला में संबोधित कर रही थीं।
मंत्री भूरिया ने बताया कि वर्ष 2026-27 के बजट में बच्चों के विकास के लिए रिकॉर्ड प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और पोषण क्षेत्र के लिए 23 हजार 747 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जिसमें पोषण संबंधी योजनाओं को शामिल किया गया है। शिक्षा क्षेत्र के लिए राज्य के कुल व्यय का 13.7 प्रतिशत हिस्सा निर्धारित किया गया है, जबकि इस वर्ष बाल विकास संबंधी बजट में 26 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों का विकास केवल महिला एवं बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि अब बाल बजट विवरण में 19 विभागों को शामिल किया गया है। इसके चलते स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत, जनजातीय कार्य और सामाजिक न्याय जैसे विभागों को साझा लक्ष्य के साथ कार्य करना होगा, ताकि योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से बच्चों तक पहुंच सके।
महिला एवं बाल विकास आयुक्त निधि निवेदिता ने कहा कि प्रदेश की लगभग 40 प्रतिशत आबादी बच्चे हैं, इसलिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि योजनाओं का वास्तविक लाभ हर बच्चे तक पहुंचे। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने परिणाम आधारित बजट और समान अवसर सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।











.jpg)


.jpg)