भोपाल, 25 मई ।
मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा सोमवार को राजधानी भोपाल स्थित रवींद्र भवन में राज्य स्तरीय स्कॉलरशिप वितरण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 850 मेधावी विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप प्रदान की। वक्फ बोर्ड गठन के बाद यह पहला अवसर रहा जब इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को एक साथ आर्थिक सहायता दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव है। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत और समर्पण के साथ अध्ययन करने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षित युवा ही देश का भविष्य तय करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों, विशेषकर बेटियों की शिक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उन्हें हर संभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने रहीम के दोहे का उल्लेख करते हुए शिक्षा को सामाजिक जागरूकता और विकास का आधार बताया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि वक्फ बोर्ड द्वारा दी जा रही स्कॉलरशिप के बराबर अतिरिक्त राशि राज्य सरकार की ओर से भी विद्यार्थियों को प्रदान की जाएगी, ताकि किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई आर्थिक कारणों से बाधित न हो।
उन्होंने आगे कहा कि युवाओं को “पढ़ो-पढ़ाओ और राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनो” के मंत्र के साथ आगे बढ़ना चाहिए। साथ ही उन्होंने वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता पर भी जोर देते हुए कहा कि इनसे प्राप्त आय का उपयोग शिक्षा और सामाजिक कल्याण में किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार अब तक 1452 बच्चों को शिक्षा से दोबारा जोड़ा जा चुका है, जिनमें वे विद्यार्थी भी शामिल हैं जिन्होंने आर्थिक या सामाजिक कारणों से पढ़ाई छोड़ दी थी।
स्कॉलरशिप प्राप्त करने वाली छात्राओं ने इस पहल को अपनी शिक्षा के लिए बड़ी राहत बताते हुए आगे की पढ़ाई जारी रखने की उम्मीद जताई। कार्यक्रम में कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विद्यार्थी व अभिभावक उपस्थित रहे।








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