कोलकाता, 01 मई।
चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात शुक्रवार को राज्य के दमकल मंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार सुजीत बसु प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष उपस्थित हुए। वह सुबह कोलकाता स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स कार्यालय पहुंचे।
दक्षिण दमदम नगरपालिका में कथित नियुक्ति अनियमितताओं से जुड़े मामले की जांच के क्रम में उन्हें कई बार समन जारी किए गए थे। मामला बाद में उच्च न्यायालय तक पहुंचा, जहां से उन्हें चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक उपस्थित होने से अस्थायी छूट प्रदान की गई थी। मतदान संपन्न होने के अगले ही दिन वे ईडी के समक्ष उपस्थित हुए।
सुबह लगभग 10 बजकर 26 मिनट पर वह सीजीओ कॉम्प्लेक्स पहुंचे। न्यायालय के निर्देशानुसार उन्हें एक मई को पेश होना था। उनके साथ पुत्र समुद्र बसु एवं दो अधिवक्ता मौजूद थे। उनके हाथ में कुछ दस्तावेज भी थे, जिन्हें उन्होंने अदालत के आदेश की प्रतियां बताया।
जानकारी के अनुसार, यह मामला वर्ष 2022 में शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के दौरान सामने आया, जब नगरपालिका नियुक्ति घोटाले से जुड़े संकेत मिले थे। उस समय अयन शील नामक व्यक्ति के आवास पर जांच के दौरान कुछ दस्तावेज प्राप्त हुए थे।
इसके बाद ईडी ने सुजीत बसु के आवास, कार्यालय तथा उनके निकट सहयोगियों से जुड़े स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। इस मामले में उन्हें पहले भी तीन बार समन भेजा जा चुका है।
चुनाव से ठीक पहले दो अप्रैल से लगातार समन जारी किए जा रहे थे। इसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय का रुख कर चुनाव समाप्त होने तक राहत की मांग की थी, जिसे स्वीकार करते हुए उन्हें मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद निश्चित रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था।



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