नई दिल्ली, 12 मई।
भारत ने चीन द्वारा पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान “ऑन-साइट” समर्थन देने संबंधी रिपोर्टों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि यह जानकारी पहले से ज्ञात तथ्यों की पुष्टि करती है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऐसे कदमों पर संबंधित देशों को आत्ममंथन करना चाहिए कि क्या यह उनकी अंतरराष्ट्रीय छवि और प्रतिष्ठा पर असर डालता है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था, जो एक सटीक, लक्षित और नियंत्रित कार्रवाई थी। इसका उद्देश्य पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सक्रिय राज्य-समर्थित आतंकी ढांचे को नष्ट करना था।
यह बयान उस समय आया है जब हाल ही में देश ने इस ऑपरेशन की पहली वर्षगांठ भी मनाई। यह कार्रवाई केवल जवाबी कदम नहीं थी, बल्कि इसे एक सुनियोजित और बहु-स्तरीय सैन्य अभियान बताया गया, जो लगभग 88 घंटे तक चला और दक्षिण एशिया में सैन्य रणनीति के नियमों को प्रभावित करने वाला माना गया।
भारत ने यह भी कहा कि आतंकवाद को समर्थन देने या संरक्षण देने वाले देशों को यह विचार करना चाहिए कि इसका उनकी वैश्विक प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता पर क्या प्रभाव पड़ता है।
इस बीच चीन की ओर से पहली बार यह स्वीकार किया गया है कि उसने भारत-पाकिस्तान के बीच चार दिन चले सैन्य संघर्ष के दौरान पाकिस्तान को तकनीकी सहायता प्रदान की थी।
पहलगाम में अप्रैल 2025 में हुए हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने यह ऑपरेशन शुरू किया था, जिसके तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया था।











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