देहरादून, 08 मई।
देहरादून। राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स की साइबर क्राइम टीम ने निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को राजस्थान के झुंझुनूं से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल) निवासी एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच उसे एक व्हाट्सऐप ग्रुप ‘71 वेल्थ एन्हांसमेंट’ से जोड़कर प्रतिदिन पांच प्रतिशत से अधिक मुनाफे का झांसा दिया गया।
इसके बाद उसे एक फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभिन्न बैंक खातों और यूपीआई के जरिए रकम जमा कराने के लिए प्रेरित किया गया। इस प्रक्रिया में उससे कुल एक करोड़ इकतीस लाख छिहत्तर हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई।
मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। एसटीएफ के निर्देश पर टीम ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सऐप डिटेल्स की गहन जांच करते हुए गिरोह के सदस्यों की पहचान की।
जांच के दौरान महाराष्ट्र निवासी तीन आरोपी पहले ही किसी अन्य मामले में केंद्रीय कारागार पटियाला में बंद पाए गए, जिन्हें वारंट बी के तहत देहरादून लाकर जेल भेजा गया। वहीं एक अन्य आरोपी को नौ अप्रैल 2026 को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया था।
इसी क्रम में राजस्थान के झुंझुनूं जिले के भोरकी गांव निवासी 22 वर्षीय रिंकू, पुत्र किशोरी लाल को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम में से दो लाख रुपये उसके बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे, जिन्हें उसने सेल्फ चेक के जरिए निकाल लिया था।
एसटीएफ के अनुसार आरोपी के बैंक खाते से जुड़े देशभर में कई शिकायतें दर्ज हैं और अब तक तेलंगाना, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और हरियाणा सहित कई राज्यों में उससे संबंधित सोलह मामले सामने आ चुके हैं।
एसटीएफ ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के फर्जी निवेश ऑफर, व्हाट्सऐप या टेलीग्राम आधारित योजनाओं, यूट्यूब सब्सक्राइब टास्क तथा धन दोगुना करने वाले प्रलोभनों से सतर्क रहें और किसी भी साइबर वित्तीय अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।



.jpg)


.jpg)

.jpg)


